कोर्स 05- गतिविधि 5 : सहपाठियों की भूमिका - अपने विचार साझा करें
अपने किशोरावस्था के वर्षों के बारे में सोचें जब आपने अपने दोस्तों द्वारा मज़ेदार लागने वाली चीजों को करने की कोशिश की, जैसे चोरी करना, ड्रग्स लेना या धूम्रपान करना। ऐसीस्थिति में आपने क्या किया? आपके विचार, भावनाएं और रणनीतियां क्या थीं?
ब्लॉग पोस्ट में अपने विचार साझा करें।
अपने किशोरावस्था के वर्षों के बारे में सोचें
ReplyDeleteएसी स्थिति कभी आई नहीं।
ReplyDeleteइस तरह की स्थिति कभी आई ही नहीं
ReplyDeleteऐसा मौका नही मिला
ReplyDeleteसुनीता दुबे
ReplyDeleteप्रस्तुत स्तिथि में अपने प्रिय अध्यापक व माता -पिता द्वारा दी गई सिख का हवाला देकर दोस्तों को एस करने से मना किया
Aisi sthiti Mein Ham parents Ko Bata dete the
ReplyDeleteIs sab ka gyan parents ko bacchon Mein Bachpan Se Hi vitrit karna chahie
ReplyDeleteऐसी स्थिति कभी नहीं आई पर मुश्किल समय में अपने माता पिता का मार्गदर्शन जरूर लिया ।
ReplyDeleteYEH STHITEE KBHEE AAEI NAHI
ReplyDeleteYEH SITUATION KABHI NAHI AAEI, AGAR DOSTO KO ES STHITI MAIN DEKHA TO UNHAY BHI ROKA
ReplyDeleteऐसी परिस्थिति कभी आई नहीं |
ReplyDeleteऐसी परिस्थिति कभी आई नहीं |
ReplyDeleteऐसी परिस्थिति कभी निर्मित हुई नही
ReplyDeleteनीलम नरवाल
ReplyDeleteऐसी परिस्थिति कभी भी नहीं आई | शिक्षक होने के नाते ऐसी परिस्थितियाँ आने पर हमें छात्रों का मार्गदर्शन करना चाहिए |
प्रस्तुत स्तिथि में अपने प्रिय अध्यापक व माता -पिता द्वारा दी गई सिख का हवाला देकर दोस्तों को एस करने से मना किया
ReplyDeleteUnknownSeptember 12, 2021 at 10:25 AM
ReplyDeleteऐसी स्थिति कभी नहीं आई पर मुश्किल समय में अपने माता पिता का मार्गदर्शन जरूर लिया
ऐसी परिस्थिति कभी भी नहीं आई | शिक्षक होने के नाते ऐसी परिस्थितियाँ आने पर हमें छात्रों का मार्गदर्शन करना चाहिए |
ReplyDeleteस्तुत स्तिथि में अपने प्रिय अध्यापक व माता -पिता द्वारा दी गई सिख का हवाला देकर दोस्तों को एस करने से मना किया
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