शारीरिक फिटनेस सम्पूर्ण स्वस्थ को प्रभावित करता है क्योंकि शरीर फिट रहता है स्वस्थ रहता है तो हम किसी भी कार्य मे अपना 100 प्रतिशत देते है हमारा शारीरिक विकास ही नही मानसिक विकास भी होता है हम मन लगाकर खुश रहकर कार्यो को संपादित करते हैं ये हमारे सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है ।स्वस्थ सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करता है ।
शारीरिक फिटनेस एवम मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं तथा ये एक दूसरे को प्रभावित भी करती है इसलिए आवश्यक हो जाता है कि विद्यार्थी शारीरिक फिटनेस के गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे
शारीरिक फिटनेस एवम मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं तथा ये एक दूसरे को प्रभावित भी करती है इसलिए आवश्यक हो जाता है कि विद्यार्थी शारीरिक फिटनेस के गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित क
हम सब ने सुना है और अब तो अनुभव भी कर रहे हैं कि - "स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है।" अतः यह सुनिश्चित है कि स्वस्थ रहने के लिए हमलोगों को शारिरिक गतिविधियों में अपने शरीर को नियमित और नियंत्रित रूप से सम्मिलित करना होगा। उपरोक्त वर्णित गतिविधि यथा फिटनेस एक्टिविटी से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है। पंकज कुमार रंजन
हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन बसता है तो ऐसे में जरूरी है हम कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर रहें। इसके लिए आलस्य को त्यागकर ध्यान व व्यायाम दोनों का सहारा लिया जाना चाहिए।
एक क्षण के लिए अपनी कक्षा के अनुभवों का प्रत्यास्मरण कीजिए और उन घटनाओं पर चिंतन कीजिए , जहाँ पर आपने एक तकनीक के रूप में सहभागी - समूह आकलन का उपयोग अवश्य किया हो। कार्य अथवा विषय ( आधारभूत सूचना जैसेकि विषय , ग्रेड , शीर्षक , अधिगम , प्रतिफल भी प्रदान कीजिए। ) योजना , प्रतिफल और कक्षा में सहभागी - समूह आकलन का क्रियान्वयन करने में सामना की जा रही चुनौतियों के लिए सोपानों का संकेत करते हुए कार्य अथवा विषय और क्रियान्वयन रणनीति का वर्णन कीजिए।
एक ऐसे आई.सी.टी. उपकरण के बारे में सोचें जिसका उपयोग आप दूरस्थ शिक्षा के दौरान कर सकते हैं। आप अपनी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को परस्पर संवादात्मक (इंटरैक्टिव) बनाने के लिए इसका उपयोग कैसे करेंगे और वह उपकरण शिक्षण सामग्री को छात्रों को समझाने में किस प्रकार सहायक होगा? अपने विचार साझा करें।
शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होना
ReplyDeleteSvabhav shant hua
Deleteशारीरिक फिटनेस सम्पूर्ण स्वस्थ को प्रभावित करता है क्योंकि शरीर फिट रहता है स्वस्थ रहता है तो हम किसी भी कार्य मे अपना 100 प्रतिशत देते है हमारा शारीरिक विकास ही नही मानसिक विकास भी होता है हम मन लगाकर खुश रहकर कार्यो को संपादित करते हैं ये हमारे सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है ।स्वस्थ सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करता है ।
Deleteशरीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति का मानसिक चिन्तन का विकास होता है
ReplyDeleteBilkul sahi
Deleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में मन शांत और काम करने की क्षमता बढ़ती है
ReplyDeleteYes
Deleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से हृदय की पेशियां मजबूत होती हैं और काम करने की एकाग्रता बढ़ती है ।
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से मानसिक चिन्तन का विकास होता है ।
ReplyDeleteHealthy body give freedom to mind to work
ReplyDeleteShri gatividhiyan sampurn Swasthya ko theek Rakhta hai rakhti hai
ReplyDeleteSvasthya sharira me hi svasth mn ka vaas hota h
Deleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है ।
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होना संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। शारीरिक फिटनेस तन मन दोनों को स्वस्थ रखते हैं रोगों को दूर रखते हैं।
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस एवम मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं तथा ये एक दूसरे को प्रभावित भी करती है
ReplyDeleteइसलिए आवश्यक हो जाता है कि विद्यार्थी शारीरिक फिटनेस के गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे
नीलम नरवाल,
ReplyDeleteशारीरिक गतिविधियों में शामिल होने से छात्रों का मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार का विकास होता है |
शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होना
ReplyDeleteशरीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति का मानसिक चिन्तन का विकास होता है
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से मानसिक चिन्तन का विकास होता है ।
ReplyDeleteशरीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति का मानसिक चिन्तन का विकास होता है
ReplyDeleteREPLY
UnknownSeptember 26, 2021 at 2:30 AM
शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से हृदय की पेशियां मजबूत होती हैं और काम करने की एकाग्रता बढ़ती है ।
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होना संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। शारीरिक फिटनेस तन मन दोनों को स्वस्थ रखते हैं रोगों को दूर रखते हैं।
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस एवम मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं तथा ये एक दूसरे को प्रभावित भी करती है
ReplyDeleteइसलिए आवश्यक हो जाता है कि विद्यार्थी शारीरिक फिटनेस के गतिविधियों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित क
शारीरिक फिटनेस गतिविधियों में मन शांत और काम करने की क्षमता बढ़ती है
ReplyDeleteशरीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति का मानसिक चिन्तन का विकास होता
ReplyDeleteशारीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है ।
ReplyDeleteरीरिक फिटनेस गतिविधियों में शामिल होने से व्यक्ति का मानसिक चिन्तन का विकास होता है
ReplyDeleteIt helps to. Keep us active.
ReplyDeleteहम सब ने सुना है और अब तो अनुभव भी कर रहे हैं कि - "स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है।"
ReplyDeleteअतः यह सुनिश्चित है कि स्वस्थ रहने के लिए हमलोगों को शारिरिक गतिविधियों में अपने शरीर को नियमित और नियंत्रित रूप से सम्मिलित करना होगा। उपरोक्त वर्णित गतिविधि यथा फिटनेस एक्टिविटी से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है।
पंकज कुमार रंजन
Already sumittef
Deleteहम सभी जानते हैं कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन बसता है तो ऐसे में जरूरी है हम कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर रहें। इसके लिए आलस्य को त्यागकर ध्यान व व्यायाम दोनों का सहारा लिया जाना चाहिए।
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